Admissions open 2020-2021 




लक्ष्य (Vision)


राधा उमाकांत संस्कृत महाविद्यालय (बिहार) का लक्ष्य भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की धरोहर संस्कृत, प्राकृत तथा पालि भाषा और इन भाषाओं में उपलब्ध ज्ञान-विज्ञान के असीम भण्डार को संरक्षित करना, अध्ययन-अध्यापन के द्वारा, राष्ट्रिय-अन्तरराष्ट्रिय संगोष्ठी तथा कार्यशाला के माध्यम से और इन भाषाओं के प्राचीन तथा आधुनिक ग्रन्थों के प्रकाशन के द्वारा प्रचार-प्रसार करना और उन्हें आज की आवश्यकता के रूप में प्रस्तुत करना।

“मेरी समझ से संस्कृत विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य पाली और प्राकृत के साथ-साथ संस्कृत का ज्ञान देना होना चाहिए जिससे कि प्राचीन विद्या एवं विद्वत्ता की रक्षा हो और उसे यथासम्भव अद्यतन बनाया जा सके।”